26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में पांच संभागों के खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर

सॉफ्टबॉल में दुर्ग का दबदबा, फुटबॉल में बस्तर का आक्रामक खेल, क्रिकेट में भी दिखा रोमांच

राजकमल अग्रवाल जिला ब्यूरो चीफ सारंगढ़-बिलाईगढ़

(सारंगढ़-बिलाईगढ़)सारंगढ़ का खेलभांठा मैदान इन दिनों प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं के जोश, जुनून और जज्बे का गवाह बन रहा है। 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के पांच संभागों से पहुंचे खिलाड़ी जीत के लिए मैदान पर पूरी ताकत झोंक रहे हैं। कहीं बल्ले और गेंद के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिल रहा है तो कहीं फुटबॉल में गोल दागने के लिए खिलाड़ी एक-दूसरे की रक्षापंक्ति को भेदने में जुटे हैं। सॉफ्टबॉल के मैदान पर भी खिलाड़ियों की फुर्ती, सटीक प्रहार और शानदार क्षेत्ररक्षण ने मुकाबलों को रोमांच से भर दिया है। कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ मैदान में उतरे स्कूली खिलाड़ियों के बीच हर अंक और हर रन के लिए जबरदस्त संघर्ष देखने को मिल रहा है।

सॉफ्टबॉल में दुर्ग का शानदार प्रदर्शन, बालक-बालिका दोनों वर्गों में शीर्ष पर

अंडर-17 सॉफ्टबॉल में दुर्ग के खिलाड़ियों ने अपने दमदार प्रदर्शन से प्रतियोगिता में अलग छाप छोड़ी। बालिका वर्ग में दुर्ग ने अपने सभी चार मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए अपराजित रहकर प्रथम स्थान हासिल किया। सरगुजा की बालिकाओं ने भी जोरदार चुनौती पेश की और तीन जीत तथा एक हार के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। बस्तर ने दो मुकाबले जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि बिलासपुर चौथे और रायपुर पांचवें स्थान पर रहा। मैदान पर बालिकाओं की चुस्ती, तालमेल और जीत के लिए संघर्ष ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।

बालक अंडर-17 सॉफ्टबॉल में भी दुर्ग का विजय अभियान जारी रहा। दुर्ग ने चारों मुकाबलों में जीत दर्ज कर प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया। बस्तर ने दो जीत, एक बराबरी और एक हार के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। रायपुर ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि सरगुजा चौथे और बिलासपुर पांचवें स्थान पर रहा। दुर्ग के खिलाड़ियों ने आक्रमण और क्षेत्ररक्षण दोनों में शानदार तालमेल दिखाते हुए विपक्षी टीमों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

फुटबॉल में बरसे गोल, बस्तर ने 7-1 से दर्ज की बड़ी जीत

अंडर-14 बालक फुटबॉल के मुकाबलों में मैदान पर जबरदस्त तेजी और आक्रामक खेल देखने को मिला। गेंद पर कब्जा जमाने और विपक्षी गोलपोस्ट तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर हुई। बिलासपुर ने रायपुर को 3-1 से पराजित कर शानदार शुरुआत की। एक अन्य मुकाबले में सरगुजा ने दुर्ग को 3-1 से शिकस्त दी। बस्तर ने रायपुर के खिलाफ आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए 4-1 से जीत दर्ज की, वहीं बिलासपुर ने दुर्ग को 2-1 से मात देकर अपनी मजबूत चुनौती कायम रखी।

दिन के सबसे एकतरफा और आकर्षक मुकाबलों में बस्तर के खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल और तेज आक्रमण का प्रदर्शन करते हुए सरगुजा को 7-1 के बड़े अंतर से पराजित किया। बस्तर के लगातार हमलों के सामने सरगुजा की रक्षापंक्ति दबाव में नजर आई। खिलाड़ियों ने गोल करने के मिले अवसरों को भुनाते हुए अपनी टीम को बड़ी जीत दिलाई। फुटबॉल मैदान पर खिलाड़ियों की रफ्तार, पासिंग, गेंद पर नियंत्रण और गोल के लिए जद्दोजहद ने मुकाबलों में भरपूर रोमांच घोला।


बालिका क्रिकेट में चौके-छक्कों के साथ विकेटों की जंग

अंडर-17 बालिका क्रिकेट में भी खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का दम दिखाया। बस्तर ने दुर्ग के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 62 रन से जीत दर्ज की। इसके बाद दुर्ग की बालिकाओं ने जोरदार वापसी करते हुए रायपुर को 10 विकेट से हराया। बिलासपुर ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में प्रभावी प्रदर्शन करते हुए बस्तर के खिलाफ 110 रन की बड़ी जीत दर्ज की। सरगुजा ने भी रायपुर को कोई मौका नहीं देते हुए 10 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया।

दुर्ग और बिलासपुर के बीच मुकाबले में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया और बिलासपुर ने 12 रन से जीत दर्ज की। क्रिकेट के मुकाबलों में बल्लेबाजों ने रन जुटाने के लिए धैर्य और आक्रामकता का अच्छा मिश्रण दिखाया तो गेंदबाजों ने सधी हुई गेंदबाजी से बल्लेबाजों को बांधे रखने का प्रयास किया। क्षेत्ररक्षण में भी बालिका खिलाड़ियों की फुर्ती और प्रतिबद्धता देखते बनी। बस्तर और सरगुजा के बीच मुकाबले में पेनाल्टी का उल्लेख दर्ज किया गया है।

चार दिवसीय राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभाग के खिलाड़ी अपने-अपने संभाग की प्रतिष्ठा के लिए मैदान में पसीना बहा रहे हैं। जीत की खुशी और हार से सीख लेकर अगले मुकाबले में बेहतर करने का संकल्प—दोनों ही रंग खेलभांठा मैदान में दिखाई दे रहे हैं। कम उम्र के इन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास, खेल भावना और अंतिम क्षण तक हार न मानने का जज्बा प्रतियोगिता को खास बना रहा है। प्रत्येक मुकाबले के साथ प्रतिस्पर्धा और कड़ी होती जा रही है और खिलाड़ी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य स्तरीय मंच पर अपनी प्रतिभा की मजबूत पहचान बनाने में जुटे हैं।